
आप विधायक आतिशी ने दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता को पत्र लिखकर विपक्षी विधायकों के निलंबन पर कड़ी आपत्ति जताई है। आतिशी ने कहा कि यह लोकतंत्र के मूल्यों पर प्रहार है। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष के विधायकों ने मोदी-मोदी के नारे लगाए जबकि विपक्षी विधायकों ने जय भीम के नारे लगाए। इसके लिए विपक्ष के 21 विधायकों को तीन दिन के लिए निलंबित कर दिया गया।
उन्होंने बताया कि यह अन्याय यहीं नहीं रुका, कल 27 फरवरी को जब निलंबित विधायक लोकतांत्रिक तरीके से विधानसभा परिसर में मौजूद गांधी की प्रतिमा के समक्ष शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने जा रहे थे, तो उन्हें विधानसभा के गेट से 200 मीटर पहले ही रोक दिया गया और विधानसभा परिसर में दाखिल होने से ही रोक दिया गया। यह केवल विधायकों का ही नहीं, बल्कि जनता द्वारा दिए गए जनादेश का भी अपमान है।
आतिशी ओर से कहा गया कि हमने देश की संसद में भी यह परंपरा देखी है कि जब किसी सांसद को सदन से निलंबित किया जाता है, तो उन्हें संसद परिसर में जाकर गांधी प्रतिमा के समक्ष प्रदर्शन करने की अनुमति होती है। यह एक संवैधानिक परंपरा रही है, जिसे आज तक किसी ने नहीं तोड़ा। लेकिन दिल्ली विधानसभा में यह पहली बार हुआ है कि चुने गए विधायकों को विधानसभा परिसर में घुसने तक नहीं दिया गया।
आतिशी ने कहा हमारा संविधान हमें यह अधिकार देता है कि हम लोकतांलिक तरीके से अपनी आवाज उठा सकें। लेकिन अगर विपक्ष की आवाज को ही दबा दिया जाएगा, अगर विधायकों को जनता के सवाल सदन के अंदर और बाहर उठाने से रोका जाएगा, तो फिर लोकतंत्र बचेगा कैसे?