
सेठ फूल चंद बागला पीजी कॉलेज के प्रोफेसर के खिलाफ बीएनएस धारा 64 (2), 68 और 75 के तहत एफआईआर दर्ज की गई |
उत्तर प्रदेश के हाथरस में एक कॉलेज प्रोफेसर को छात्राओं का यौन शोषण करने के आरोप में मामला दर्ज होने के बाद निलंबित कर दिया गया। यह कार्रवाई एक अज्ञात व्यक्ति की शिकायत के आधार पर की गई, जिसने उन्हें ‘राक्षस’ बताया था।
पुलिस ने 13 मार्च को हाथरस के सेठ फूल चंद बागला पीजी कॉलेज में भूगोल विभाग के प्रोफेसर और प्रमुख रजनीश के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि प्रोफेसर लड़कियों के साथ अश्लील हरकतें करता था, उनका शोषण करता था और उनके वीडियो बनाता था। पिछले हफ़्ते महिला आयोग और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी गई शिकायत में यह भी कहा गया है कि उसने पहले भी इस मामले की शिकायत की थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
शिकायतकर्ता ने पत्र में लिखा है, “(नरेंद्र) मोदी सरकार ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ का समर्थन करती है, लेकिन इसके बाद भी ऐसे लोग अपनी बेटियों के साथ क्रूरता कर रहे हैं। मैं इस क्रूर व्यक्ति से इतना परेशान हूं कि कभी-कभी मुझे आत्महत्या करने का ख्याल आता है।”
पत्र में आगे छात्राओं को बचाने की गुहार लगाई गई है। इसमें कहा गया है, “लोक-लाज के कारण कोई भी छात्रा कुछ नहीं कहेगी। इसलिए कृपया इस राक्षस के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें और मेरी जैसी कई लड़कियों को न्याय दिलाएं।”
पुलिस ने बताया कि शिकायतकर्ता ने प्रोफेसर की अश्लील गतिविधियों में लिप्त होने की कुछ तस्वीरें भी संलग्न की हैं।
सर्किल ऑफिसर योगेंद्र कृष्ण नारायण ने कहा कि एफआईआर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64 (2) (बलात्कार), 68 (अधिकार में किसी व्यक्ति द्वारा यौन संभोग) और 75 (महिला की शील भंग करने के इरादे से उस पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग) के तहत दर्ज की गई है।
नारायण ने कहा कि मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है और अज्ञात शिकायतकर्ता का भी पता लगाया जा रहा है।
इस बीच, हाथरस कॉलेज के सचिव प्रदीप कुमार बागला ने प्रोफेसर के खिलाफ दर्ज एफआईआर को संज्ञान में लेते हुए उन्हें निलंबित कर दिया।
समाचार एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी प्रोफेसर ने कहा कि उन पर पिछले 18 महीनों से यौन शोषण के आरोप लग रहे हैं और इस संबंध में कई जांच भी हुई हैं।
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